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आज का मौसम: दिल्ली से बिहार तक 85 की रफ्तार से तूफान और भारी बारिश की चेतावनी, 19 राज्यों में IMD अलर्ट जारी

 मौसम विभाग ने अगले 11 घंटों के भीतर उत्तर प्रदेश और बिहार सहित 19 राज्यों के लिए आंधी-बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से पूर्वी भारत में बिजली गिरने (वज्रपात) और ओलावृष्टि को लेकर भी आगाह किया है।

देश की राजधानी दिल्ली में आज 12 मई को मध्यम बारिश और आंधी की संभावना है, जहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। दिल्ली का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, कानपुर, लखनऊ और झांसी सहित कई जिलों में बारिश और आंधी का येलो अलर्ट जारी किया गया है। लखनऊ में आज अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

बिहार के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है, जहां पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे जिलों में तेज बारिश और 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की प्रबल संभावना है। यहां आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।

झारखंड के रांची, हजारीबाग, साहेबगंज और गुमला सहित कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। रांची में आज अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

पहाड़ी राज्यों में घूमने गए पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी और कांगड़ा में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि मनाली में न्यूनतम तापमान गिरकर 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
उत्तराखंड के नैनीताल, चमोली और देहरादून में भी भारी बारिश और तूफान की चेतावनी है। इसके अलावा, राजस्थान के जयपुर, बीकानेर और जोधपुर में 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और भारी बारिश की संभावना है। पंजाब और हरियाणा में भी मध्यम से भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मौसमी बदलाव का मुख्य कारण पश्चिम बंगाल और आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर मौजूद एक चक्रवाती परिसंचरण है। इसके साथ ही एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण असम के क्षेत्रों में भी सक्रिय है। इन परिस्थितियों के कारण ही मैदानी और पहाड़ी दोनों क्षेत्रों में नमी और दबाव बढ़ा है। मौसम विभाग ने किसानों को अपनी कटी हुई फसल बचाने के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है और आम जनता को घर से बाहर निकलने से पहले ताजा अपडेट देखने का सुझाव दिया है।

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